कुछ लम्हें त्रिवेणी के साथ………
Posted by: Manu on: July 28, 2008

कुछ लम्हें त्रिवेणी के साथ………
समेटी है आज कुछ बिख्ररी यादों की कतरने,
कुछ मीठे सपनो की रातें, मु्स्कराहटों का कोना |
शब की दहलीज पर ढूढां करता हूं, रोशनी मैं…..
दिल की दीवारों का भी है अजब आलम,
परतें उखड़ती हैं पर रंग उतरता ही नही |
इस घर के दरवाजे पर ताला जो लगा है…….
मीठी सुबह मै उड़ती ये नमकीन खुशबू,
जिलाती है अह्सास उनके पास होने का |
कि बेखब्रर सोने का भी अपना इक मजां है……
-मनु
गुफ्तुगू ....