Posted by: Manu on: February 7, 2009
जल्द ही आएगा वो दिन,
बैठेंगे साथ हम दोनों…..
कुछ तुम अपनी सुनाना,
कुछ में अपनी बताऊंगा ….
आखों में होगी सिर्फ़ तुम,
और में जागते हुए सपने सजाऊंगा..
हाथों में तब दे देना हाथ तुम अपना,
और तुम्हारी खुशबू से में मन को भीगाउंगा ….
खामोश रह कर भी कह दूंगा सब,
जो कह न पाया हूँ अब तक, वह बानगी सुनाऊंगा …
कभी हो जो जाओगी नाराज तुम,
लगा कर अपने सीने से दिल की धड़कन सुनाऊंगा ..
तुम्हारी मुश्कराहट की बदली में ,
आस की बारिश बुलाउंगा…
बस तुम रहना सदा पास मेरे,
धुप, छाव, बारिश सब सह जाऊंगा…
जल्द ही आएगा वो दिन,
बैठेंगे साथ हम दोनों…..
कुछ तुम अपनी सुनाना,
कुछ में अपनी बताऊंगा ….
मनु
गुफ्तुगू ....